रविवार, 25 अगस्त 2013

हाय रे महँगाई डायन!

हम नन्हें-मुन्नों को तो "महँगाई है" तथा "रूपैया का भाव गिर रहा है" का पता तब चलता है,
जब हम हाजमोला के पैकेट खरीदते हैं और पाते हैं कि,
अब एक रुपये मे छः की जगह चार गोलियाँ ही मिल रही हैं। :(

"हाय रे महँगाई डायन! हमें भी ना छोड़ा!!!" :'(

- सुमित सुमन

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