देश के नेताओं पर ना जाने कितने रंग-बिरंगे तथा छप्पन प्रकार के सँगीन आरोप लगते रहे हैं। दुनिया का कोई ऐसा कुकर्म नहीं है जो इन्होंने ना किया हो।
ऐसे में मुझे एक ही डर लगा रहता है कि कहीं किसी नेता पर "छीन-छोरी" अथवा "पॉकेटमारी" जैसे छोटे-मोटे-टुच्चे आरोप ना साबित हो जाए। बेचारे की इज्जत पलीद हो जाएगी। चार नेताओं के बीच बेचारे कभी अपना सिर नहीं उठा पायेंगे।
खी... खी... खी... ;) 3:)
ऐसे में मुझे एक ही डर लगा रहता है कि कहीं किसी नेता पर "छीन-छोरी" अथवा "पॉकेटमारी" जैसे छोटे-मोटे-टुच्चे आरोप ना साबित हो जाए। बेचारे की इज्जत पलीद हो जाएगी। चार नेताओं के बीच बेचारे कभी अपना सिर नहीं उठा पायेंगे।
खी... खी... खी... ;) 3:)
- सुमित सुमन
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